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सुविधाओं से दूर गांव के अखाड़े से निकला विशाल, 55 किलो वर्ग में प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर जीता गोल्ड मेडल

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मोहम्मद नईम 

 कुशीनगर। जनपद के खड्डा तहसील अंतर्गत हनुमानगंज थाना क्षेत्र के बोधी छपरा गांव निवासी युवा पहलवान विशाल यादव ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर कुश्ती के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मध्य प्रदेश के गोविंद नगर पिपरिया में आयोजित नेशनल स्कूली गेम्स में विशाल यादव ने अंडर-17 के 55 किलोग्राम भार वर्ग की फ्रीस्टाइल कुश्ती में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल कर गोल्ड मेडल जीता। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में खुशी का माहौल है।

विशाल यादव ने कुश्ती की शुरुआती बारीकियां गांव में ही सीखी थीं। बचपन से ही उन्हें कुश्ती का शौक था और वह घर पर अभ्यास करने के साथ गांव के अखाड़े में अपने चाचा बबलू यादव  की देखरेख में तैयारी करते थे। सीमित संसाधनों और सुविधाओं के बावजूद विशाल ने कुश्ती के प्रति अपना जुनून बनाए रखा और लगातार अभ्यास करते रहे।

विशाल ने प्राथमिक शिक्षा गांव में ही पूरी की। इसके बाद पढ़ाई के लिए वह गोरखपुर चले गए, जहां पिछले करीब तीन वर्षों से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। कक्षा आठ में गोरखपुर में नामांकन के बाद उन्होंने पढ़ाई के साथ कुश्ती की तैयारी भी जारी रखी। कक्षा नौ में पहुंचने के बाद उन्होंने फैजाबाद में कुश्ती का प्रशिक्षण लेना शुरू किया। वर्तमान में उनकी हाईस्कूल की परीक्षा भी होनी है, लेकिन पढ़ाई के साथ खेल के क्षेत्र में भी उन्होंने अपनी मेहनत जारी रखी।

शनिवार को मध्य प्रदेश के गोविंद नगर पिपरिया में आयोजित प्रतियोगिता में विशाल ने 55 किलोग्राम भार वर्ग की फ्रीस्टाइल कुश्ती में शानदार प्रदर्शन किया। शुरुआती मुकाबले में उनका सामना हरियाणा के बादल पहलवान से हुआ, जिसमें विशाल ने जीत दर्ज की। इसके बाद फाइनल मुकाबले में राजस्थान के अमित पहलवान से उनका सामना हुआ। फाइनल में विशाल ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए अमित को 10-2 के अंतर से पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

इस शानदार प्रदर्शन के साथ विशाल का चयन SGFI (स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) के लिए भी हुआ है। उनकी इस उपलब्धि को पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है।

विशाल की सफलता की खबर जैसे ही बोधी छपरा गांव पहुंची, ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। परिवार के लोगों और ग्रामीणों का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद विशाल ने जिस तरह मेहनत कर यह मुकाम हासिल किया है, वह गांव के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा है।

परिजनों का कहना है कि विशाल बचपन से ही कुश्ती को लेकर काफी गंभीर रहा है। गांव के अखाड़े से शुरू हुआ उसका सफर अब प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं तक पहुंच गया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि आने वाले समय में विशाल देश और प्रदेश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रोशन करेगा।

बोधी छपरा गांव के इस युवा पहलवान की उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि मजबूत इच्छाशक्ति, निरंतर अभ्यास और मेहनत के बल पर सीमित संसाधनों में भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।

 

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